<<

परिचय

हमारे वितरक

प्रमुख आकर्षण

रिक्त-पद

रोज़गार संपर्क

हमसे पूछिये

परिणाम

सवाल-जवाब

अभिलेख

>>

 

 

खेल चर्चा

जुआन जू को हराकर सिंधु ने जीता मलेशिया ओपन

एशियाई ग्रांप्री सीरीज भारत ने जीते चार स्वर्ण सहित 12 पदक

शिवरामाकृष्णन आईसीसी क्रिकेट समिति में

वेस्टइंडीज की कमान ड्वेन ब्रावो को

टॉप 10 में शिव और लाहिड़ी

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप सुशील फिट होकर चुनौती देने को तैयार

 

Top

 

जुआन जू को हराकर सिंधु ने जीता मलेशिया ओपन

''यह खिताब जीतकर सपना सच हो गया। मैं बाई अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता और मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।''

पीवी सिंधु, बैडमिंटन खिलाड़ी

भारत की दूसरी साइना नेहवाल कही जा रही पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाँचवीं वरीयता प्राप्त सिंगापुर की जुआन जू को 4 मई को कुआलालंपुर में हुए कड़े मुकाबले में 21-17, 17-21, 21-19 से हराकर मलेशिया ग्रांप्री गोल्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीत लिया।

शीर्ष वरीयता प्राप्त और दुनिया की 13वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु ने जू को एक घंटे 11 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में हराकर खिताब पर कब्जा किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह तीसरा कॅरियर मुकाबला था जिसमें सिंधु ने दूसरी बार जीत हासिल की। हैदराबाद की 17 वर्षीय सिंधु ने पूरे मैच में कुल 17 स्मैश विनर और 21 नेटविनर लगाए जबकि जू ने नौ स्मैश विनर और 21 नेट विनर लगाए।

सिंधु ने पहला गेम जीतकर बढ़त बनाई लेकिन वह दूसरे गेम में हार बैठीं। निर्णायक गेम में सिंधु ने पिछड़ने के बावजूद जबरदस्त वापसी करते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया। सिंधु ग्रांप्री गोल्ड टूर्नामेंट जीतने वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी हैं।

इससे पहले साइना नेहवाल ने 2006 में यह खिताब जीता था। सिंधु ने पहला सेट 21-17 से जीता मगर दूसरे सेट में 17-21 से हार गईं। तीसरे सेट में जू ने अच्छी शुरुआत की और 13-7 से बढ़त बना ली। लेकिन इसके बाद सिंधु ने अंतर को कम किया और 16-16 से बराबरी भी कर ली। आखिर में 21-18 से सेट जीत कर पहला ग्रांप्री गोल्ड खिताब जीत लिया।

पहला प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय खिताब के रूप में मलयेशिया ग्रांप्री गोल्ड को जीतने वाली पीवी सिंधु का लक्ष्य साल अंत तक रैंकिंग में टॉप टेन में आना है। उनकी मौजूदा रैंकिंग 13 है। सिंधु का 6 मई को पी गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी हैदराबाद में पहुंचने पर कोचों, स्टाफ और प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने इस मौके पर हाल में होने वाले सुदीरामन कप और अन्य टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जाहिर की। उन्होंने अपनी इस खिताबी जीत को कोच गोपीचंद को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि वह मेरे आदर्श हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेरे लिए सबसे ज्यादा रोमांचक क्षण विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ली सुइरेई को हराना रहा। मैंने आक्रामक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलने का लुत्फ उठाया। गोपीचंद ने सिंधु की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसका पिछले कुछ सालों का सफर अच्छा रहा है पर उसे कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।

गोपीचंद ने कहा कि देश में बैडमिंटन  का भविष्य उम्दा नजर आता है क्योंकि युवा खिलाड़ी गुरुसाइदत्त, पी कश्यप और विश्व की नंबर दो खिलाड़ी सभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मौके पर सिंधु के पिता पीवी रमन ने अपनी बेटी को ऊंचाइयां दिलाने के लिए गोपीचंद को धन्यवाद दिया।

 

Top

शियाई ग्रांप्री सीरीज भारत ने जीते चार स्वर्ण सहित 12 पदक

भारतीय एथलीटों ने 4 अप्रैल को बैंकाक में एशियाई ग्रांप्री सीरीज के पहले चरण में शानदार प्रदर्शन करके चार स्वर्ण सहित 12 पदक जीते। एमआर पूवम्मा (महिला 400 मी. दौड़), सहाना कुमारी (महिला ऊंची कूद), जितिन थामस (पुरुष ऊंची कूद) और नितिन रावत (पुरुष 5000 मी. दौड़) ने स्वर्ण पदक हासिल किए।

वहीं सिध्दार्थ तिंगाल्या (पुरुषों की 110 मी. बाधा दौड़), राजीव अरोकाई (पुरुषों की 400 मी. दौड़), खेता राम (पुरुषों की 5000 मी. दौड़) और रंजीत महेश्वरी (पुरुष त्रिकूद) में रजत पदक जीते। मरियम जोस (महिलाओं की 400 मी. दौड़), अरपिंदर सिंह (पुरुषों की त्रिकूद) और मुकेश कुमारी (महिलाओं की भाला फेंक) ने कांस्य पदक हासिल किए।

राष्ट्रीय रिकार्डधारी महेश्वरी महज दो सेंटीमीटर से विश्व चैंपियनशिप  क्वालीफिकेशन से चूक गए। शीर्ष महिला चक्का फेंक एथलीट कृष्णा पूनिया चौथे स्थान पर रहीं।

 

Top

शिवरामाकृष्णन आईसीसी क्रिकेट समिति में

बीसीसीआई के समर्थन से भारत के पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने आईसीसी क्रिकेट समिति में 7 मई को खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में टिम मे की जगह ले ली। आईसीसी ने दुबई में एक बयान में कहा, शिवरामाकृष्णन खिलाड़ियों के दो मौजूदा प्रतिनिधियों में से एक होंगे।

खिलाड़ियों के एक अन्य प्रतिनिधि श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा होंगे जो 2007 से समिति का हिस्सा हैं।'

बयान के मुताबिक, 'संगकारा और शिवरामाकृष्णन को हाल ही में 10 टेस्ट कप्तानों के वोट के बाद चुना गया है। ये दोनों 2013 से 15 तक तीन साल के लिए क्रिकेट समिति का हिस्सा होंगे।' इस नियुक्ति से पहले दक्षिण अफ्रीका की खिलाड़ी यूनियन ने आरोप लगाया था कि भारतीय हितों के कारण खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के लिए पुन: मतदान कराया गया।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर्स संघों के महासंघ में भी शामिल टोनी आयरिश ने कहा कि शुरुआती मतदान में 10 टेस्ट कप्तानों ने इस पद के लिए टिम मे को चुना था। इस बीच आईसीसी ने घोषणा की कि क्रिकेट समिति की वार्षिक बैठक लंदन में 28 और 29 मई को होगी। क्रिकेट समिति की अध्यक्षता पहली बार अनिल कुंबले करेंगे। कुंबले ने पूर्व विंडीज कप्तान क्लाइव लॉयड की जगह ली है। शिवरामाकृष्णन और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस पहली बार आईसीसी क्रिकेट समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे।

 

Top

वेस्टइंडीज की कमान ड्वेन ब्रावो को

ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो को इंग्लैंड में होने वाली चैंपियंस ट्राफी के लिए डैरेन सेमी की जगह वेस्टइंडीज का कप्तान बनाया गया है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने 5 मई को कहा कि टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज को चैंपियन बनाने वाले सेमी टेस्ट और टी-20 टीमों के कप्तान बने रहेंगे। चयन समिति के अध्यक्ष क्लाइड बट्स ने कहा, 'हमें टेस्ट और टी-20 में सेमी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। लेकिन वनडे में हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं है और नए नेतृत्व की जरूरत है।'

टीम- ड्वेन ब्रावो (कप्तान), दिनेश रामदीन, टीनो बेस्ट, डेरेन ब्रावो, जानसन चार्ल्स, क्रिस गेल, जेसन होल्डर, सुनील नारायण, किरोन पोलार्ड, रवि रामपाल, केमर रोच, डैरेन सेमी, मार्लन सैम्युअल्स, रामनरेश सरवन और ड्वेन स्मिथ।

 

Top

टॉ 10 में शिव और लाहिड़ी

भारत के स्टार गोल्फर शिव कपूर और अनिर्वान लाहिड़ी एशियन टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट में शीर्ष दस खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जबकि गगनजीत भुल्लर इस सूची में दूसरे स्थान के साथ चोटी के भारतीय बने हुए हैं। रॉयल जकार्ता गोल्फ क्लब में 5 मई को जारी एशियन टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट में शिव 94841 डालर की कमाई के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं जबकि लाहिड़ी 91541 डालर की कमाई के साथ दसवें स्थान पर आ गए हैं।

गगनजीत भुल्लर 269066 डालर की कमाई के साथ सूची में नंबर दो स्थान पर बने हुए हैं। थाईलैंड के किराडेक एफीबर्नरेट 662375 डालर के साथ चोटी पर हैं।

 

Top

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप सुशील फिट होकर चुनौती देने को तैयार

ओलिंपिक खेलों में लगातार दो बार पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी और विश्व चैंपियन पहलवान सुशील कुमार कंधे की मांसपेशी की चोट से उबर चुके हैं। अब वह हंगरी में सितम्बर में होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप समेत आगामी प्रतियोगिताओं में अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं। सुशील ने 5 मई को इंदौर में कहा, 'कंधे की मांसपेशी की मेरी चोट अब ठीक हो चुकी है और मैं देश के लिए फिर कुछ कर दिखाना चाहता हूँ। अगर मुझे आगामी प्रतियोगिताओं में देश की नुमाइंदगी का मौका मिलेगा, तो मैं सकारात्मक परिणाम दूंगा।'

इस 29 वर्षीय विश्व चैंपियन ने कहा कि कंधे की चोट के बावजूद उन्होंने अपना प्रशिक्षण बंद नहीं किया था। हालांकि इस चोट के चलते उनके प्रशिक्षण का स्वरूप जरूर बदल गया था। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनकी निगाहें हंगरी में सितम्बर में होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप पर टिकी हैं और वह इस स्पर्धा में हिस्सेदारी की तैयारियों में जुटे हैं। सुशील कंधे की चोट के चलते अप्रैल में दिल्ली में आयोजित सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सके थे। उन्होंने पिछले साल अगस्त में लंदन ओलिंपिक के बाद से किसी बड़े टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया है। राजनीति से कोई खास ताल्लुक नहीं रखने वाले सुशील ने सरबजीत मसले पर कहा, 'जब बात देश की हो, तो लोगों को देश के हित में ही सोचना चाहिए। फिर चाहे वह खेल का संदर्भ हो अथवा सियासत या सेना का मामला हो।' सुशील ने फरवरी में खुलासा किया था कि वह मध्यप्रदेश में कुश्ती की अकादमी खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं। इस योजना की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह सात मई को फिर मध्यप्रदेश दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरान राज्य सरकार के नुमाइंदों से अपनी प्रस्तावित कुश्ती अकादमी को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाएंगे।

 

 

Top

 
 
     
     

 

Copyright 2009, Rojgar Aur Nirman, All Rights Reserved   वेबसाइट : आकल्पन, संधारण एवं अद्यतन 'वेबसेल' मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा

>> सम्पर्क

>>सूचना

>>सदस्यता