<<

परिचय

हमारे वितरक

प्रमुख आकर्षण

रिक्त-पद

रोज़गार संपर्क

हमसे पूछिये

परिणाम

सवाल-जवाब

अभिलेख

>>

 

हमसे पूछिये

वाइस एक्टिंग क्या है? इस क्षेत्र में कॅरियर की क्या संभावनाएँ हैं तथा इससे संबंधित प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान कौन-कौनसे हैं?

 प्रीतम यादव, खकनार (बुरहानपुर),

संजना रिझवान, छतरपुर, महेंद्र पाठक, भिंड, अरुण आंचलिया, खंडवा

  • सिनेमा व मीडिया के विस्तार तथा बढ़ते टीवी चैनलों की संख्या ने अभिनेताओं के एक और वर्ग को जन्म दिया है, जिन्हें वाइस एक्टर या ध्वनि अभिनेता के नाम से संबोधित किया जाता है। हालांकि भारत में ध्वनि अभिनय अपने शुरुआती दौर में है लेकिन विदेशों में यह एक पूर्ण विकसित व्यवसाय का रूप ले चुका है। अगर इसके विकास की बात करें, तो इस क्षेत्र में भविष्य सुरक्षित कहा जा सकता है। रेडियो या टीवी पर आवाज आधारित विज्ञापनों, एनीमेशन, वृत्तचित्र, नाटक, लाइव शो व अन्य मनोरंजन के कार्यक्रमों में अपनी आवाज के जरिए विशेष प्रस्तुतिकरण के लिए जाने-पहचाने वाइस एक्टर मौजूद हैं। डिस्कवरी, कार्टून नेटवर्क, एनीमल प्लेनेट, पोगो आदि चैनलों के हिन्दी संस्करण के लिए डबिंग में बहुत से वाइस एक्टर कार्य कर रहे हैं, जो विदेशी भाषा या अन्य भारतीय भाषाओं को अपनी आवाज परोस रहे हैं। वाइस एक्टर बनने के लिए हिन्दी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के साथ अंग्रेजी व अन्य विदेशी भाषाओं पर आपकी अच्छी पकड़ होनी चाहिए। जितना अधिक भाषागत ज्ञान होगा, उतना ही बेहतर उसे पेश करने का अंदाज भी आना चाहिए। क्योंकि कैरेक्टर के स्वभाव व स्क्रिप्ट की डिमांड के अनुसार ही आपको अपनी आवाज देनी होती है। मौजूदा समय में चल रहे वाइस एक्टिंग के प्रोग्रामों में वोक्स डिजाइनिंग, ध्वनि निर्माण, वाइस कल्चर, मिमिक्री, माइक्रोफोन पर ध्वनि का व्यावहारिक प्रशिक्षण व कार्टून फिल्मों, सीरियलों आदि के लिए व्यॉइसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। अमूमन स्नातक के बाद जिन्हें फोनेटिक्स ध्वनि विज्ञान की समझ होती है, वह ही वाइस एक्टिंग के छह माह से लेकर एक-दो वर्षीय डिप्लोमा पाठयक्रमों में दाखिला ले सकते हैं। वाइस एक्टिंग का पाठयक्रम संचालित करने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-

  • स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग एंड कम्युनिकेशन, कामधेनु कॉम्प्लेक्स लोखंडवाला, मुंबई।

  • एकेडमी ऑफ डिजिटल आर्ट एंड कम्युनिकेशन, क्लिक एस्टेट, चांदीवाला, मुंबई।

  • एएनटीएस एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर स्कूल, एन्ट्स स्टूडियो प्रायवेट लिमिटेड, आर.डी. कॉम्प्लेक्स, वास्तेश्वर नगर, बेंगलूर।

  • टून एनीमेशन इंडिया प्रायवेट लिमिटेड निला बिल्डिंग, टेक्नोपार्क, तिरुअनंतपुरम।

 

  मैं जादूगर बनना चाहता हूँ तथा इस क्षेत्र में अच्छा नाम एवं पैसा कमाना चाहता हूँ। कृपया मुझे बताएँ कि जादूगर कैसे बना जा सकता है?

 मंजीतसिंह छाबड़ा, बैतूल, आरती  खरे, बड़वानी, गिरीश मूंदडा, पन्ना, राधेश्याम शर्मा, भिंड, संदीप विजयवर्गीय, मनासा (नीमच), कविता मोटवानी, देवास, रूपाली यादव, गुना

थ्     संपूर्ण विश्व में कई जादूगरों ने न केवल शानदार पहचान बनाई है बल्कि बहुत दौलत और शोहरत भी कमाई है। यह क्षेत्र सदा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। आप इसे एक शानदार कॅरियर के रूप में भी अपना सकते हैं। इसके लिए किसी फार्मल डिग्री की जरूरत नहीं होती है। इसके लिए आप इस क्षेत्र से जुड़े संस्थानों से मार्गदर्शन ले सकते हैं। जैसे कोलकाता का द मैजिक इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया। इसे विश्वविख्यात जादूगर पी.सी. सरकार जूनियर ने स्थापित किया है। यह संस्थान युवाओं को वैज्ञानिक विधियों से जादू सिखाता है और उन्हें रोजगार के उजले अवसर भी देता है। इस संस्थान का पता है- पीसी सरकार यंग, 123ए जमीर लेन, कोलकाता-19 विस्तृत जानकारी के लिए आप वेबसाइट . www.magicianpcsorkaryong.com पर लॉग ऑन करें।

  एकिस्टिक्स क्या है? इस क्षेत्र में कॅरियर के क्या अवसर हैं तथा यह पाठयक्रम कहाँ-कहाँ उपलब्ध है?

सुनील मेहता, अटेर (भिण्ड),

दीपिका पटेल, होशंगाबाद,

विभा कोशिक, राजगढ़ (ब्यावरा),

मयंक प्रजापत, इंदौर

  • एकिस्टिक्स विज्ञान की वह शाखा है, जिसके पास शहर की बिगड़ती व्यवस्था को दुरुस्त कर योजनाबध्द ढंग से ह्यूमन सेटलमेंट की दिशा में कार्य करने की पूरी विधि है। शहरों व नगर-कस्बों की गैर योजनाबध्द ढंग से निर्मित टाउनशिप प्लानिंग की खामियों पर बहुआयामी शोध कार्य द्वारा ह्यूमन सेटलमेंट की जटिलताओं को दूर करने में सहयोग करना ही इनका कार्यक्षेत्र है। एकिस्टिक्स यानी आर्किटेक्चर में स्पेशलाइजेशन की प्रायवेट क्षेत्रों में तो भारी डिमांड है, साथ ही पब्लिक क्षेत्रों व विदेशों में भी कॅरियर की असीम संभावनाएँ उपलब्ध हैं। एकिस्टिक्स में मास्टर प्रोग्राम हेतु आवेदनकर्ता के बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर व इसके समकक्ष कोर्स में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए। यह पाठयक्रम जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में उपलब्ध है। पाठयक्रम से संबंधित विस्तृत विवरण हेतु वेवसाइट www.jminic लॉग ऑन करें।

 

एयरलाइंस टिकटिंग कोर्स कहाँ से किया जा सकता है?

अरुण पाठक, बैरसिया (भोपाल), मुकेश कोठे, जीरापुर (राजगढ़), इंदरसिंह मालवीय, आष्टा,

कृष्णा शर्माटीकमगढ़

  • एयरलाइंस टिकटिंग का कोर्स संचालित करने वाले प्रमुख संस्थान हैं- इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, आगरा विश्वविद्यालय, आगरा, आईआईटीटीएम, ग्वालियर, इंस्टीटयूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, मोती महल, लखनऊ, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली।

 

 फर्नीचर डिजाइनिंग के क्षेत्र में कॅरियर के क्या अवसर हैं?

जगदीश मुजालदे, बड़वानी,

जयदीप परमार, केसली (सागर),

अजय वर्मा, धरमपुरी

  •  फर्नीचर मेकिंग व्यवसाय अब सिर्फ बढ़ई का काम नहीं रह गया, बल्कि इसमें कुशल डिजाइनरों की माँग व्यापक स्तर पर बढ़ी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले पाँच सालों में बाजार में तकरीबन एक लाख फर्नीचर डिजाइनरों की आवश्यकता होगी। रचनात्मकता और नए डिजाइन के लिए कुशलता के साथ-साथ प्रशिक्षण की भी जरूरत होती है। गौरतलब है कि इस व्यवसाय में धनोपार्जन के साथ-साथ अपनी कलात्मकता को अभिव्यक्त करने का मौका और सृजन की संतुष्टि का अहसास भी मिलता है। दिनों-दिन बढ़ती माँग और स्वर्णिम भविष्य की कल्पनाओं के कारण फर्नीचर डिजाइनिंग कॅरियर के रूप में आज युवाओं में काफी लोकप्रिय हो रहा है। किसी प्रतिष्ठित संस्थान से फर्नीचर डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद किसी भी डिजाइनर के साथ काम किया जा सकता है। फर्नीचर डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद अपना व्यवसाय भी शुरू किया जा सकता है या इस क्षेत्र में काम कर रही प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़कर काम कर सकते हैं। भारत में फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में कई विदेशी कंपनियाँ भी कूद चुकी हैं। इस क्षेत्र में कॅरियर की असीम संभावनाओं को देखते हुए अनेक संस्थानों ने फर्नीचर डिजाइनिंग के कोर्स शुरू किए हैं। आमतौर पर पाठयक्रम में प्रवेश के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है, पर कुछ संस्थानों में नामांकन के लिए आवेदन करते समय 12वीं पास होना आवश्यक है। फर्नीचर डिजाइनिंग का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं- इंडियन प्लाइवुड इंडस्ट्रीज रिसर्च इंस्टीटयूट, तुमकुर रोड, बंगलौर, गवर्नमेंट पोलीटेक्निक फॉर वूमन, चंडीगढ़, कलमकारी वोकेशन ओरिएंटेड वूमंस पोलीटेक्निक, गाँधीनगर, गुजरात, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ डिजाइनिंग, अहमदाबाद, गुजरात आदि।

 कृपया मुझे बताएँ कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का पत्राचार पाठयक्रम कहाँ से किया जा सकता है?

 वैदेही सचदेव, आमला (बैतूल),

रेखा शास्त्री, रतलाम,

मूलचंद सागर, उज्जैन,

नवलकिशोर डावर, शाजापुर

  •  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जाने के लिए कोई पत्राचार कोर्स उपलब्ध नहीं है।

 

 मैं पेपर बैग बनाने की इकाई स्थापित करना चाहता हूँ। इससे संबंधित प्रशिक्षण कहाँ से प्राप्त होगा?

वीरसिंह राजपूत, रैपुरा (पन्ना), जयकुमार,

 रतलाम, आनंद शर्मा, इंदौर, दिनेश गोयल, सीहोर

  •  पेपर बैग निर्माण इकाई के प्रशिक्षण के लिए आप उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र, प्रेस कॉम्प्लेक्स, इंदौर से संपर्क कर सकते हैं।

 

 मैं दृष्टिहीन हूँ। क्या मैं सिविल सेवा परीक्षा में बैठ सकता हूं?

ध्रुव सक्सेना, मिहोना (भिण्ड)

  •  दृष्टिहीनों को सिविल सेवा परीक्षा में बैठने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। दृष्टिहीनों को विकलांग कोटे के तहत आरक्षण की सुविधा भी मिलती है तथा दृष्टिहीन उम्मीदवारों को परीक्षा अवधि में भी आधे घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाता है।

 

 मैंने बी.एससी. बायोलॉजी से की है। क्या मेरे लिए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अच्छा कॅरियर विकल्प हो सकता है?

गंधर्व उपाध्याय, लांजी (बालाघाट), रणजीत सिंह नारंग,

उज्जैन, महेश जोशी,

शहडोल, अमित सिकरवार, देवास

  • बी.एससी. बायोलॉजी के छात्रों के लिए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का कार्य अच्छा कॅरियर हो सकता है। यदि आप में जनसंपर्क कला, अच्छी अंग्रेजी के साथ भ्रमण करते रहने की अभिरुचि हो तो इस क्षेत्र में जाना उपयुक्त होगा। देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनने संबंधी विज्ञापन समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं।

 

 क्लिनिकल साइकोलॉजी में कॅरियर के क्या अवसर उपलब्ध  हैं? कृपया यह भी बताएँ कि इस विषय में शिक्षण की सुविधा कहाँ-कहाँ उपलब्ध हैं?

सुरेन्द्र उन्हाले, बलदेवगढ़ (टीकमगढ़), विक्रम कंसाना, मुरैना,

प्रिया जैन, ग्वालियर

  •  मानव मस्तिष्क की गतिविधियों को समझने, उनकी उलझनों को सुलझाने, मनोविकार को दूर करने में मनोचिकित्सक की अहम भूमिका होती है। मनोचिकित्सालयों के अलावा अब स्कूलों व अन्य संस्थानों में भी मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति की जाने लगी है। आम आदमी को उसकी भावनात्मक उलझनों से निजात दिलाने में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट अहम भूमिका निभाते हैं। यह पाठयक्रम निम्न संस्थानों में उपलब्ध है- नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस, बंगलौर, आईआईटी, खड़गपुर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान, लखनऊ।

 

 साउंड इंजीनियरिंग क्या है? यह कोर्स कहाँ से किया जा सकता है?

हर्षित पीतलिया, अमरपाटन (सतना), मोहित गुप्ता, देवास

  •   साउंड इंजीनियरिंग में आवाज को मधुर एवं कर्णप्रिय बनाने के लिए अनेक जटिल विद्युतीय उपकरणों को संचालित किया जाता है। एक अच्छा साउंड इंजीनियर बनने हेतु आपका संगीत के प्रति रुझान आवश्यक है। यदि आप अलग-अलग तरह की ध्वनियों को पहचानने की क्षमता रखते हैं तो साउंड इंजीनियरिंग पाठयक्रम आप ही के लिए बना है। साउंड इंजीनियर बनने के लिए स्नातक परीक्षा भौतिकी विषय के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साउंड इंजीनियरिंग का पाठयक्रम निम्न संस्थानों में उपलब्ध है- द फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया, पुणे, सत्यजीत रॉय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीटयूट, कोलकाता, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीटयूट ऑफ तमिलनाडु, चेन्नई।

 

 विजुअल मचर्डाइजिंग क्या है? इसके पाठयक्रम कहाँ उपलब्ध हैं?

 महेश प्रजापति, जैतहरी (अनूपपुर), प्रियांशु चटर्जी, इंदौर,

प्रीटर लॉरेन, जबलपुर

  •  विभिन्न उत्पादों को उनके डिजाइन, रंग-रूप आदि के आधार पर डिस्प्ले करने, मैनेक्विन को सही जगह पर सजाकर रखने, दुकान की साज-सज्जा और लाइटिंग का चुनाव करने के लिए विजुअल मचर्ेंडाइजर की विशेष जरूरत होती है। इसके द्वारा मामूली उत्पाद भी लोगों के लिए आकर्षण के केंद्र बन जाते हैं। विजुअल मचर्ेंडाइजिंग के प्रमुख पाठयक्रम एवं संस्थान निम्न हैं- एनआईएफटी (निफ्ट), दिल्ली, मुंबई, कोलकाता में एपेरल मार्केटिंग एंड मचर्ेंडाइजिंग में डिप्लोमा की सुविधा उपलब्ध है। सृष्टि स्कूल ऑफ आर्ट, डिजाइनर एंड टेक्नोलॉजी, बंगलौर में विजुअल कम्युनिकेशन डिजाइन में डिप्लोमा की सुविधा उपलब्ध है।

 

 इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्व-विद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न डिग्री- डिप्लोमा पाठयक्रम क्या यूजीसी से मान्यता प्राप्त हैं?

स्विप्निल तिर्के, सीतामऊ (मंदसौर), राजीव गुप्ता, मक्सी,

अपूर्व अग्निहोत्री, नरसिंहपुर, संतोष मेवाड़े,

अलीराजपुर, जितेन्द्र कुमार नेपानगर,

मोहित पाराशर, दतिया, चंद्रशेखर उपाध्याय, देवास

  • पत्राचार माध्यम से दी जाने वाली इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्व-विद्यालय की डिग्रियाँ-डिप्लोमा व सर्टिफिकेट पाठयक्रम यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

 डॉ. जयंतीलाल भंडारी

 

 
 
     
     

 

Copyright 2009, Rojgar Aur Nirman, All Rights Reserved

>> सम्पर्क

>>सूचना

>>सदस्यता