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प्रमुख आकर्षण

मुख्यमंत्री से मिले साँची विश्वविद्यालय के चांसलर

गाँव में बिजली आधारित कुटीर तथा लघु उद्योग लगेंगे

संस्कृति मंत्री ने की राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा

विधानसभा निर्वाचन - 2013 डिजीटल सिग्नेचर लिये जायेंगे

चुनाव डयूटी करने वाले पुलिसकर्मी मतदान से नहीं होंगे वंचित

पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के केम्पस होंगे वाई-फाई सुविधायुक्त

इस साल पचास नये पशु औषधालय खुलेंगे 123 औषधालय का पशु चिकित्सालय में उन्नयन होगा

 

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मुख्यमंत्री से मिले साँची विश्वविद्यालय के चांसलर

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में 11 मई को साँची बौध्द एवं भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलाधिपति श्री सेम डोंग रिमपोचे ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कुलाधिपति का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय को बौध्द एवं भारतीय दर्शन के अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र के रूप में स्थापित करने की अपेक्षा व्यक्त की। श्री चौहान ने विश्वविद्यालय के विकास में राज्य शासन के पूर्ण सहयोग को दोहराया।

श्री चौहान ने कहा कि बुध्दिज्म प्रेम, अहिंसा, शांति, मैत्री और विश्वबंधुत्व का धर्म है। इससे जुड़े ज्ञान पर पूरी दुनिया में शोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देने में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। हम चाहते हैं कि यह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श विश्वविद्यालय बने। उन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़े निर्माण कार्य मास्टर प्लान बनाकर पूरा करने की बात कही।

कुलाधिपति श्री रिमपोचे ने कहा कि विश्वविद्यालय में वैश्विक संदर्भ में बौध्द अध्ययन और भारतीय ज्ञान पर शोध किया जायेगा। विश्वविद्यालय द्वारा दुनिया के अन्य बौध्द विश्वविद्यालयों तथा अध्ययन केन्द्रों से समन्वय किया जायेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि जापान, कोरिया, थाईलैण्ड, श्रीलंका जैसे देशों से भी सहयोग लिया जा सकता है।

बुध्दिज्म और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के विचारों के आदान-प्रदान पर फोकस किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा बौध्द विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये उपयुक्त स्थल उपलब्ध करवाया गया है।

कुलाधिपति श्री रिमपोचे ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को बुध्द प्रतिमा भेंट की तथा दुपट्टा डाल कर सम्मानित किया। मुलाकात के दौरान साँची बौध्द विश्वविद्यालय के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री राजेश गुप्ता भी उपस्थित थे।

 

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गाँव में बिजली आधारित कुटीर तथा लघु उद्योग लगेंगे

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता के बीच हर हाल में खुशहाली लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि बिजली की पर्याप्त उपलब्धता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत उपलब्ध होने से गाँव में बिजली आधारित कुटीर तथा लघु उद्योग लगेंगे। श्री चौहान 17 मई को 22वें जिले बैतूल में अटल ज्योति अभियान का शुभारंभ कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि गाँव-गाँव में बिजली उपलब्ध करवाने के बाद सरकार बिजली आधारित लघु तथा कुटीर उद्योग खोलने को भी बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने बीते समय में बिजली संकट की याद दिलाते हुए कहा कि एक समय था जब बिजली लोगों के लिये सपना बन गई थी। किसान जनरेटर के माध्यम से सिंचाई कर खेतों में एक तरह से डीजल की सिंचाई कर रहा था और व्यापारी वर्ग अपना व्यापार चलाने के लिये इनवर्टर लगाकर काम चला रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने घरों में 24 घंटे और किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया और उसे पूरा किया है। श्री चौहान ने कहा कि आज प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त बिजली है। इसके लिये सरकार ने अनेक स्थान पर सरकारी तथा निजी क्षेत्र में बिजली-घरों की स्थापना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर खेत में सिंचाई की व्यवस्था के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने बिजली बिलों पर सरचार्ज माफी तथा बिल भरने में दी जा रही सहूलियत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब खेतों में टयूबवेल की मीटर रीडिंग नहीं ली जायेगी, बल्कि किसान से फिक्स रेट पर 1200 रुपये प्रति हार्स-पॉवर की दर से वार्षिक चार्ज लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने जिले को अधोसंरचना मद से दी गई साढ़े 11 करोड़ की राशि का बेहतर उपयोग करने की सलाह दी।

ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिये 24 घंटे बिजली की उपलब्धता जरूरी है। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। भविष्य में प्रदेश अन्य राज्यों को बिजली देने की स्थिति में आ जायेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विद्युत कम्पनियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निरंतर 24 घंटे बिजली मिले, इसके लिये मजबूत मॉनीटरिंग सिस्टम तैयार किया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 58 करोड़ 35 लाख रुपये लागत के 22 विभिन्न कार्यों का लोकार्पण तथा उद्धाटन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृत राशि के चेक भी वितरित किये। इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लता राजू महस्की, विधायक सर्वश्री अलकेश आर्य, चेतराम मानेकर, श्रीमती गीता रामजीलाल उइके, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र देशमुख सहित अनेक जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

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संस्कृति मंत्री ने की राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा

उच्च शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने 15 मई को भोपाल स्थित मंत्रालय में राष्ट्रपति की प्रस्तावित मध्यप्रदेश यात्रा के कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। राष्ट्रपति 6 जून को भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भवन की आधारशिला रखेंगे, जनजातीय संग्रहालय का उद्धाटन करेंगे और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। राष्ट्रपति 7 जून की प्रात: भोपाल से जबलपुर जायेंगे। वहाँ से झोतेश्वर (नरसिंहपुर) जायेंगे, जहाँ शंकराचार्य नेत्रालय का शुभारंभ होना है। राष्ट्रपति इसी शाम अमरकंटक (अनूपपुर) में इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जन-जातीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति रात्रि विश्राम भोपाल में करने के बाद 8 जून की सुबह इंदौर जायेंगे। राष्ट्रपति इंदौर में इंडियन इंस्टीटयूट ऑॅफ टेक्नालॉजी के प्रथम दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रपति इसी दोपहर इंदौर से ग्वालियर रवाना होंगे, जहाँ वे सायंकाल पी.सी. राय सेंटर फॉर रिसर्च एट इंस्टीटयूट ऑॅफ टेक्नालॉजी एण्ड मैनेजमेंट का उद्धाटन करेंगे। राष्ट्रपति इसी शाम ग्वालियर से दिल्ली के लिये प्रस्थान करेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सभी विभाग प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियाँ समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने बिन्दुवार की जा रही तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री जे.एन. कंसोटिया, सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री राकेश श्रीवास्तव, अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मोहनलाल छीपा और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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विधानसभा निर्वाचन - 2013 डिजीटल सिग्नेचर लिये जायेंगे

मतदाता परिचय-पत्र (ऐपिक कार्ड) को त्रुटिहीन बनाने के लिये पहली बार डिजीटल सिग्नेचर का अभिनव उपयोग होगा। अब मतदाता सूची में जो अधिकारी सुधार करेगा उसके डिजीटल सिग्नेचर लिये जायेंगे। इस प्रकार ऐपिक कार्ड में त्रुटि होने पर उसकी जिम्मेदारी डिजीटल सिग्नेचर करने वाले अधिकारी की होगी।

 

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चुनाव डयूटी करने वाले पुलिसकर्मी मतदान से नहीं होंगे वंचित

मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में जिन पुलिस कर्मियों की डयूटी लगेगी, अब उन्हें मतदान से वंचित नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जयदीप गोविंद ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि वे इस बात की पुष्टि अभी से अवश्य कर लें कि उनके अधीन तैनात पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम मतदाता सूची में हैं या नहीं। ताकि वे निर्धारित फार्म प्राप्त कर उसे भरकर निश्चित समय पर डाक मतपत्र प्राप्त कर सकें। इससे निश्चित रूप से मतदान के प्रतिशत में और वृध्दि होगी।

 

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पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के केम्पस होंगे वाई-फाई सुविधायुक्त

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणानुसार सभी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के केम्पस वाई-फाई सुविधा से युक्त होंगे। संचालक तकनीकी शिक्षा ने सभी प्राचार्यों को निर्धारित स्पेसीफिकेशन अनुसार केम्पस को वाई-फाई करने की कार्यवाही एक माह में पूर्ण करवाने के निर्देश 16 मई को भोपाल में दिये हैं।

वाई-फाई का स्पेसीफिकेशन इंजीनियरिंग महाविद्यालय जबलपुर द्वारा तैयार किया गया है। यह विभाग की वेबसाइट पर अपलोड भी है।

 

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स साल पचास नये पशु औषधालय खुलेंगे 123 औषधालय का पशु चिकित्सालय में उन्नयन होगा

मध्यप्रदेश में पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये राज्य-स्तरीय पशु चिकित्सालय, संभागीय पॉलीक्लीनिक, जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम-स्तरीय पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय आदि संचालित किये जा रहे हैं। राज्य सरकार चालू माली साल में 50 नये पशु औषधालय खोलेगी। इसके लिये मौजूदा बजट में 4 करोड़ 97 लाख 3 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया है। इसी तरह 123 पशु औषधालय का पशु चिकित्सालय में उन्नयन भी होगा। उन्नयन के लिये बजट में 13 करोड़ 14 लाख 17 हजार रुपये रखे गये हैं।

प्रदेश में वर्तमान में 795 पशु चिकित्सालय और 1, 666 पशु औषधालय है। राज्य-स्तरीय पशु चिकित्सालय भोपाल में संचालित हैं। इसके अलावा 38 चल पशु चिकित्सा इकाई, 27 चल विरुजालय, 22 रोग अन्वेषण प्रयोगशालाएँ, एक-एक मुँहखुरी रोग व्यापकी इकाई, पशु स्वास्थ्य एवं जैविक उत्पाद संस्थान, सीरम संस्थान, उप संचालक माता महामारी, 19 पशु जाँच चौकी, 10 अनुगामी इकाई, 7-7 सतर्कता इकाई और सघन टीकाकरण इकाई, 2 रोग शमन दल, 5 फ्रोजन सीमेन बैंक और एक-एक पशु निरोध-स्थल तथा फ्रोजन सीमेन बुल स्टेशन कार्यरत हैं।

 

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