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ऐसे करें मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की सफल तैयारी

'रोज़गार और निर्माण' के पाठकों के लिए 'कॅरियर की राहें' नाम से उपयोगी स्तंभ लगातार प्रकाशित किया जा रहा है। युवाओं को कॅरियर की विभिन्न विधाओं से परिचित कराने और कॅरियर के रास्तों पर आगे बढ़ने के लिए सफल दिशाएँ देने वाला 'कॅरियर की राहें' स्तंभ नियमित रूप से महीने में दो बार कॅरियर काउंसलर श्रीमती मीना भंडारी द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। श्रीमती भंडारी पिछले 20 सालों से कॅरियर विषयों पर लिख रही हैं।

मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा-2010 के
तहत प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने के बाद प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा जो कि
18 दिसंबर से आयोजित की जानी है की तैयारी की योजना जोर-शोर से बना रहे हैं। ऐसी योजना की सफलता के लिए मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की प्रकृति को समझना एवं प्रश्नपत्रों के बारे में सुनियोजित तैयारी बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक शैली में होती है। इसमें प्रविष्ट होने वाले अभ्यर्थियों को सात प्रश्नपत्रों की परीक्षाएँ देनी होती हैं। मुख्य परीक्षा 2100 अंकों की होती है अर्थात प्रत्येक प्रश्नपत्र 300 अंकों का होता है। मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के सभी प्रश्नपत्रों की अवधि 3 घंटे होती है। निर्धारित अवधि में अभ्यर्थी को प्रश्नपत्रों के उत्तर देना होते हैं। सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र तथा सामान्य हिन्दी का एक प्रश्नपत्र सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होता है। वैकल्पिक दो विषयों के चार प्रश्नपत्र अभ्यर्थी द्वारा चुने जाते हैं।

मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में सही भाषा माध्यम का चयन अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों को हल करने की वह भाषा चुनें जिसमें आप सहजता से लिख सकते हों, समझ सकते हों, दूसरों को समझा सकते हों और वही आदर्श भाषा माध्यम है। उसी भाषा माध्यम में आप बेहतर अभिव्यक्ति कर सकते हैं और बेहतर अभिव्यक्ति ही आपको सफलता दिलाने में सक्षम होती है। ध्यान रखें भाषा माध्यम का चयन किसी के कहने पर, किसी के सुझाव पर नहीं करके स्वेच्छा से गहन चिंतन के बाद करना चाहिए। इस भ्रांति से हमेशा दूर रहना चाहिए कि अंग्रेजी भाषा माध्यम अधिक अंकदायिनी है या अंग्रेजी भाषा माध्यम टॉपर्स की भाषा होती है। यह निराधार है। अंक सिर्फ आपके उत्तरों के प्रस्तुतिकरण पर निर्भर करते हैं। मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने की रणनीति का सबसे अहम विषय समय का प्रबंधन करना है। तैयारी प्रारंभ करने से पूर्व आप अपने समय का प्रबंधन करें, ताकि नियत समय पर सभी प्रश्नपत्रों की सही प्रकार से तैयारी की जा सके। समय के प्रबंधन के बिना सफलता प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। समय के प्रबंधन के लिए सबसे पहले आप तैयारी प्रारंभ करने के दिन से लेकर मुख्य परीक्षा तक के कुल दिनों को परीक्षा के सात प्रश्नपत्रों में विभाजित कर प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए पढ़ाई के दिन तय करें। सभी प्रश्नपत्रों की तैयारी के लिए समय का उचित प्रबंधन अवश्य करें। मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक समय की माँग रहती है, यदि आप देरी से अपनी तैयारी प्रारंभ करेंगे, तो ठीक तरह से तैयारी करना मुमकिन नहीं हो पाएगा।

आपके लेखन की मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में बहुत बड़ी भूमिका होती है। लेखन में सुंदर हस्तलेखन, सटीक तार्किक अभिव्यक्ति एवं शब्द सीमा का ख्याल रखा जाना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। आपने कितनी भी अच्छी तरह से परीक्षा की तैयारी की हो, यदि आप बेहतर ढंग से अभिव्यक्ति नहीं कर सकते, तो सच मानिए आपकी विफलता इसी में निहित है। अत: मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रविष्ट होने वाले विद्यार्थी अपनी तैयारी प्रारंभ करने के दौरान नियमित लेखन का अभ्यास अवश्य करें। जो सोचते हैं कि पहले पढ़ लेते हैं अंतिम एक-दो दिन लेखन का अभ्यास करने के लिए रख लेंगे, तो वे सर्वथा भूल करते हैं, क्योंकि लेखन के अभ्यास के बिना पूरी तैयारी व्यर्थ चली जाएगी। यदि आपको एकदम सही, सटीक उत्तर देना है, तो लेखन का अभ्यास करना होगा। यदि हम मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में सफलता की दृष्टि से भी बात करें, तो 50 प्रतिशत भूमिका अच्छे अंक दिलाने में सिर्फ लेखन की होती है। इसके साथ ही शब्द सीमा में उत्तर लिखने का प्रयास करें। यदि शब्द सीमा का ध्यान न रखा जाए तो आप कितना ही अच्छा लिखें, आप सफलता प्राप्त नहीं कर सकते हैं। नियमितता से अधिक अच्छा सफलता का सहज उपाय नहीं हो सकता। नियमित तैयारी में स्वाध्याय, नोट्स बनाना, लेखन का व्यवस्थित तरीके से अभ्यास करना, पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों से गहनता से रूबरू होना इत्यादि गतिविधियों को जारी रखें।

जिस तरह नियमितता आवश्यक है, ठीक उसी तरह पढ़ी गई पाठयवस्तु को दोहराना भी बहुत जरूरी होता है अन्यथा कई बार ऐसा होता है कि आप आगे तैयारी करते चलते हैं और पीछे भूलते जाते हैं, अंतत: परिणाम नगण्य होता है। अत: आप किसी भी तरह न्यूनतम अवधि में दोहराने के कार्यक्रम को अवश्य व्यवस्थित करें। अंत में सफलता के लिए जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, वह है परीक्षा के कुछ दिन पूर्व अपना स्वयं का आकलन, इससे आपके आत्मविश्वास में वृध्दि होगी। आकलन के लिए राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को आधार मानकर मॉडल टेस्ट पेपर तैयार करें और उसको निर्धारित अवधि में हल करें। अंत में निष्कर्ष निकालें कि आपकी स्थिति क्या है? जो खामियाँ रह गई हैं उन पर ध्यान केंद्रित कर उन्हें दूर करने का प्रयास करें। जो खामियाँ रह जाती हैं उन्हें छिपाने के बजाय महसूस करते हुए उन पर विशेष ध्यान दें। फिर देखिए आपको मनचाही सफलता प्राप्त करने से कौन रोक सकता है ?

मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप प्रामाणिक पाठय-सामग्री का अध्ययन करें। मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रविष्ट होने वाले अभ्यर्थी विशेषकर अपने वैकल्पिक विषयों की पाठय सामग्री के चयन में सर्वथा सावधानी बरतें। इस घोर प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन वाले युग में आपके लिए सबसे जटिल समस्या प्रामाणिक पाठय सामग्री के चयन की है। प्रतियोगी परीक्षाओं की मासिक पत्रिकाओं तथा खासतौर से मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान पर केंद्रित प्रतियोगिता निर्देशिका का नियमित अध्ययन उपयोगी है। प्रतिदिन दो प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों विशेष रूप से संपादकीय पृष्ठ का अवलोकन करें। मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्रों के तहत जो भी प्रश्न पूछे जाते हैं, वे कुछ हद तक तथ्यात्मक तो होते ही हैं, साथ ही वे काफी हद तक परिकल्पनात्मक एवं विचारात्मक भी होते हैं। यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि इस खंड के कई प्रश्न वर्तमान संदर्भ में ही पूछे जाते हैं। अत: विद्यार्थियों को यह चाहिए कि वे जिस किसी भी प्रश्न का उत्तर लिख रहे हों, उस प्रश्न को वे वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ही लिखने का प्रयास करें तथा अपने उत्तर को पूरी सामयिकता प्रदान करें। आपको सदैव व्यवहारिक एवं समसामयिक संदर्भ में ही अपना उत्तर लिखने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि आपके उत्तर प्रासंगिकता एवं नवीनता प्राप्त कर सकें। स्पष्ट है कि आपसे जो भी प्रश्न पूछे जाएँगे, वे तथ्यात्मक होने के साथ-साथ विचारात्मक भी होंगे। अत: ऐसे प्रश्नों का उत्तर लिखते समय आपको पूर्णत: व्यावहारिक एवं प्रासंगिक दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकें। साथ ही, आपको चाहिए कि आप अपने उत्तर में नवीनतम जानकारियाँ एवं ऑंकड़े भी जरूर डालें। ऑंकड़े मानक होने चाहिए। ऑंकड़े आपके उत्तर को और भी अधिक प्रामाणिकता एवं प्रासंगिकता प्रदान करने वाले होते हैं।

यह सच है कि सामान्य अध्ययन का पाठयक्रम काफी व्यापक है और इसके संपूर्ण अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को सदैव जागरूक एवं सचेष्ट रहने की जरूरत है। सामान्य अध्ययन एक निरंतर प्रक्रिया है, जिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए आपको सतत रूप से इससे संपर्क साधना होगा। यदि आप अपने अंदर कुछ जिज्ञासा बनाए रखते हैं तथा सदैव कुछ नए की तलाश में रहते हैं, तो आप चाहे- अनचाहे ही सामान्य अध्ययन की तैयारी करते रहते हैं। जिन विद्यार्थियों में ऐसी जिज्ञासा अथवा कौतूहल होती है, वे सामान्य अध्ययन के प्रति काफी सहजता महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में, वे अन्य अभ्यर्थियों से कहीं अधिक लाभ की स्थिति में होते हैं। आपको यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र में अभ्यर्थियों के बीच अंकों का अंतर काफी अधिक देखा गया है और यदि आप इसकी तैयारी के प्रति संतुलित एवं व्यावहारिक रुख अपनाते हैं तो आपको मध्यप्रदेश राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में सफलता अवश्य मिलेगी।

l  श्रीमती मीना भंडारी
 

 
 
     
     
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